पंचायत के ‘विधायक जी’ के सुर बदले: बोले- ‘मैंने पंकज त्रिपाठी और अनुराग कश्यप के बारे में कुछ गलत नहीं कहा, वो मेरे दोस्त हैं’

0
9
पंचायत के ‘विधायक जी’ के सुर बदले: बोले- ‘मैंने पंकज त्रिपाठी और अनुराग कश्यप के बारे में कुछ गलत नहीं कहा, वो मेरे दोस्त हैं’

17 मिनट पहले

  • लिंक की प्रतिलिपि करें
पंचायत के 'विधायक जी' के सुर बदले: बोले- 'मैंने पंकज त्रिपाठी और अनुराग कश्यप के बारे में कुछ गलत नहीं कहा, वो मेरे दोस्त हैं'

वेब सीरीज ‘पंचायत’ फेम एक्टर पंकज झा इन दिनों सुर्खियों में हैं। सीरीज में एमएलए जी के रोल में उन्हें काफी पसंद किया जा रहा है। इसी बीच पंकज एक इंटरव्यू में कही गई कुछ बातों की वजह से भी चर्चा में हैं।

दरअसल, पंकज झा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कुछ बातें बड़े ही सधे अंदाज में कही थीं, जिन्हें फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप और पंकज त्रिपाठी से जोड़कर देखा जा रहा था।

झा ने कहा कि इंडस्ट्री में कई ऐसे अभिनेता हैं जो अन्य अभिनेताओं से काम छीनकर अपने संघर्ष को ग्लैमराइज करते हैं।

अब झा ने इन टिप्पणियों पर सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने ये बातें पंकज त्रिपाठी या अनुराग कश्यप के लिए नहीं कही थीं। पंकज ने दोनों को अपना दोस्त भी बताया है।

वेब सीरीज 'पंचायत' में पंकज झा (दाएं) विधायक की भूमिका में नजर आ रहे हैं।

वेब सीरीज ‘पंचायत’ में पंकज झा (दाएं) विधायक की भूमिका में नजर आ रहे हैं।

मैं ऐसा क्यों करूंगा?

उन्होंने कहा, ‘मैंने इंटरव्यू में किसी त्रिपाठी का नाम नहीं लिया। आप मेरे इंटरव्यू सुन सकते हैं कि मैंने किसी का नाम नहीं लिया। मैं ऐसी बातें क्यों कहूंगा? मीडिया को हमेशा मसाला चाहिए होता है और इसके लिए वे अपनी सुविधा के हिसाब से ऐसी खबरें बनाते हैं।’

पंकज ने आगे कहा, ‘ऐसी खबरों का कोई मतलब नहीं है। पंकज त्रिपाठी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमने कई फिल्मों में साथ काम किया है। वह मेरे जूनियर हैं। वह मेरे बाद इंडस्ट्री में आए और मैं लंबे समय से यहां हूं। इसी तरह अनुराग कश्यप मेरे दोस्त हैं। वह मेरे भाई जैसे हैं। हमने साथ में ‘गुलाल’ और ‘ब्लैक फ्राइडे’ जैसी फिल्में की हैं। मैं उनके बारे में ऐसी गलत बातें क्यों कहूंगा?’

पंकज झा ने अपने आखिरी इंटरव्यू में क्या कहा था?

हाल ही में डिजिटल कमेंट्री के साथ एक साक्षात्कार में झा से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में भूमिका को लेकर उनके साथ राजनीति की गई थी?

इसके जवाब में उन्होंने कहा था, ‘अगर मेरी पीठ पीछे राजनीति होती है तो मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। किसी की पीठ पीछे राजनीति करने वाले आमतौर पर कायर होते हैं, लेकिन अगर दूसरे व्यक्ति की राजनीति से मुझे नुकसान होता है तो राजनीति करने वाला व्यक्ति जीत गया है।’

पंकज त्रिपाठी ने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में सुल्तान की भूमिका निभाई, जो पहले पंकज झा को ऑफर की गई थी।

पंकज त्रिपाठी ने ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में सुल्तान की भूमिका निभाई, जो पहले पंकज झा को ऑफर की गई थी।

पंकज त्रिपाठी को मिला झा का रोल

झा ने एक वाकया शेयर करते हुए बताया था- ‘मैं एक फिल्म की शूटिंग के लिए पटना गया था। वहां मुझे कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा का मैसेज आया कि वो मुझे ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में कास्ट करना चाहते हैं।

जब मैं किसी दूसरे प्रोजेक्ट की शूटिंग के दो दिन बाद लौटा तो पता चला कि वासेपुर वाला रोल किसी और को दे दिया गया है।” आपको बता दें कि पंकज त्रिपाठी को वह रोल मिला, जिसने उनकी किस्मत बदल दी।

इंटरव्यू में आगे झा ने यह भी कहा था कि कुछ लोग किसी की चप्पल चुरा लेते हैं और कहते हैं कि वह हमारे लिए बहुत बड़ा एक्टर है इसलिए हमने उसकी चप्पल चुरा ली।

आपको बता दें कि मनोज बाजपेयी एक बार उस होटल में ठहरने आए थे जहां पंकज त्रिपाठी अपने संघर्ष के दिनों में काम करते थे। मनोज अपनी चप्पल होटल में भूल गए थे जिसे पंकज ने रख लिया था। त्रिपाठी ने एक इंटरव्यू में इस घटना के बारे में बताया था। ऐसे में कयास लगाए जाने लगे कि मनोज झा ने ये बातें पंकज त्रिपाठी के लिए कही थीं।

झा ने बॉलीवुड फिल्म निर्माता पर निशाना साधा था

पिछले इंटरव्यू में झा ने पंकज के अलावा निर्देशक पर भी निशाना साधा था। उनकी टिप्पणी अनुराग कश्यप से जुड़ी थी। खुद को निर्देशक बनाने वाला अभिनेता बताते हुए उन्होंने कहा था, ‘अगर ‘सत्या’ और ‘गुलाल’ जैसी फिल्मों ने अभिनेताओं का करियर बनाया है, तो कई अभिनेताओं ने निर्देशकों का करियर भी बनाया है।

लेकिन यहाँ के लोग बहुत ही घटिया किस्म के हैं। उनमें रीढ़ की हड्डी नहीं है। वे अपनी बात भी नहीं रख पाते। कुछ निर्देशकों की हालत इतनी खराब है कि उनके पास खुद कोई काम नहीं है। वे 36 अलग-अलग प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।